Skip to main content

Posts

Showing posts from December, 2020

दिल्ली में 2 दिन का नाइट कर्फ्यू, न्यू इयर का जश्न मनाने पर रोक, गोवा में सेलिब्रेशन के लिए 45 लाख टूरिस्ट पहुंचे

दिल्ली में नए साल पर कोरोना गाइडलाइन टूटने की आशंका को देखते हुए दो दिन का नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर पांच से ज्यादा लोग इकट्‌ठा नहीं हो सकेंगे। नए साल का कोई जश्न नहीं मनेगा। ये पाबंदियां आज रात 11 बजे से 1 जनवरी सुबह 6 बजे तक और 1 जनवरी रात 11 बजे से 2 जनवरी की सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगी। उधर, गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए करीब 45 लाख लोग पहुंच चुके हैं। देश में बीते 24 घंटे में 21 हजार 944 केस आए और 26 हजार 406 मरीज ठीक हो गए। 299 संक्रमितों की मौत हो गई। इस तरह एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 4776 की कमी आई। अब तक कुल 1.02 करोड़ केस आ चुके हैं। इनमें से 98.59 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 1.48 लाख लोग इस महामारी से जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। कोरोना अपडेट्स AIIMS दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना के हालात पर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि संभव है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन भारत में नवंबर या दिसंबर की शुरुआत में ही आ गया हो। उन्होंने कहा कि यह तेजी से फ

राजस्थान के चार जिलों में पारा शून्य से नीचे, MP में दतिया सबसे ठंडा; चंडीगढ़ में विजिबिलिटी घटकर हुई 20 मीटर

बर्फीली हवा के कारण साल का आखिरी दिन भी शीतलहर का असर बना हुआ है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पारा गिरकर 7 डिग्री पर पहुंच गया तो राजस्थान के चार जिलों का तापमान शून्य से भी नीचे चला गया। इन चारों जिलों में जमाव की स्थिति बन गई है। चंडीगढ़ में कोहरे के बाद विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर हो गई, जिसके बाद लोगों को कहीं आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान के चुरू में सर्दी ने तोड़ा 9 साल का रिकॉर्ड राजस्थान के चार शहरों में तापमान अब भी जमाव बिंदु से नीचे है। 15 शहरों में पारा 5 डिग्री से भी नीचे चला गया। माउंट आबू में पहली बार दिसंबर में लगातार दूसरे दिन तापमान माइनस 4 डिग्री दर्ज हुआ। फतेहपुर में माइनस 3, चूरू में माइनस 1.5 और जोबनेर में माइनस 1.4 डिग्री रहा। आबू में सर्दी किस कदर कहर ढा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन दिन से यहां पारा शून्य से नीचे है, जबकि लगातार 17 दिन से सुबह बर्फ जम रही है। यह तापमान बुधवार का है। चूरू में सर्दी ने 9 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। साल 2011 में यहां पारा माइनस 1.4 पर था। चूरू में दिसंबर में अब तक सबसे कम तापमान 28 दिसंबर 1

मोदी 11 बजे राजकोट AIIMS की आधारशिला रखेंगे, प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा होने की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजकोट में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की आधारशिला रखेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 11 बजे ये प्रोग्राम होगा। इसमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी जुड़ेंगे। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा है कि इस प्रोजेक्ट से गुजरात में हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा। 750 बेड वाले AIIMS पर 1195 करोड़ खर्च होंगे राजकोट AIIMS के लिए सरकार ने 201 एकड़ जमीन की मंजूरी दी है। इसे बनाने में 1195 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। 2022 के मध्य तक इसके पूरे होने की उम्मीद है। 750 बेड वाले AIIMS में 30 बेड वाला आयुष ब्लॉक भी होगा। इसमें 125 MBBS की सीटें और 60 नर्सिंग सीटें होंगी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजकोट में AIIMS बनने से गुजरात में हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।- फाइल फोटो।

केंद्र ने किसानों की आधी मांगें मानी, बिहार में MLA तोड़ने पर तकरार और अब नई तारीख तक भरें ITR

नमस्कार! कर्मचारियों को EPF पर 8.5% का एकमुश्त ब्याज मिलेगा। कोरोना के नए स्ट्रेन के खतरे के बीच ब्रिटेन से लौटे कई लोग गायब हैं। यमन में एयरपोर्ट पर ताकतवर ब्लास्ट हुआ। बहरहाल शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ। सबसे पहले देख लेते हैं मार्केट क्या कह रहा है - BSE का मार्केट कैप 187.98 लाख करोड़ रुपए रहा। 52% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही। 3,134 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। 1,650 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,313 के शेयर गिरे। आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकोट में वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के जरिए AIIMS की नींव रखेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक CBSE बोर्ड परीक्षा की तारीखों का ऐलान करेंगे। देश-विदेश थोड़ी सरकार झुकी, थोड़ा किसान किसान आंदोलन के 35वें दिन सरकार और किसानों के बीच 36 का आंकड़ा खत्म होता दिखा। कृषि कानूनों पर किसान संगठनों और केंद्र के बीच बुधवार को विज्ञान भवन में सातवें दौर की बैठक हुई। पांच घंटे तक चली मीटिंग में सरकार थोड़ी झुकी, तो किसान भी थोड़े नरम पड़े। सरकार ने किसानों की चार में से दो मांगें मान लीं। बाकी दो मांगों

कोरोना ने रोका PM का वर्ल्ड टूर तो टीवी पर नजर आए भरपूर

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Bhaskar Cartoon | Bhaskar Toon | Today News and Updates | Corona stops PM's world tour, he was seen on TV every now and then

हमेशा सच बोलना चाहिए, ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन इसका पालन करना आसान नहीं

कहानी- रामायण के समय एक दिन वशिष्ठ ऋषि ने भरत से कहा था कि तुम्हारे पिता राजा दशरथ की तरह कोई दूसरा सत्यवादी न हुआ है और ना ही भविष्य में कभी होगा। इस संबंध में आज के विद्वान चर्चा करते हैं कि वशिष्ठ ने ऐसा क्यों कहा? क्या केवल राजा दशरथ सत्यवादी थे? या वे श्रीराम के पिता थे इसलिए उन्हें सत्यवादी माना जाता है? तो क्या श्रीकृष्ण के पिता वसुदेव सत्यवादी नहीं थे? वशिष्ठ ने राजा दशरथ को सबसे बड़ा सत्यवादी बताया, इसकी एक वजह है। जीवन में सत्य के लिए बड़ा दृढ़ संकल्प चाहिए। राजा दशरथ के सामने स्थिति ये थी कि अगर वे सत्य को बचाते तो राम वनवास चले जाते और अगर वे राम को बचाते तो उनका सत्यव्रत टूट जाता। उस समय दशरथ ने सत्य को बचाया और राम को वनवास भेज दिया। ठीक इसी तरह की स्थिति वसुदेव के साथ भी बनी थी। वसुदेव ने कंस को वचन दिया था कि हम हमारी आठों संतान तुम्हें सौंप देंगे। लेकिन, जब आठवीं संतान का जन्म हुआ तो वे उस बच्चे को मथुरा से गोकुल छोड़ आए। यहां वसुदेव ने कृष्ण को बचा लिया, लेकिन सत्य को छोड़ दिया। दशरथ इसीलिए महान माने गए हैं, क्योंकि उन्होंने सत्य को बचाया और पुत्र वियोग में अपने

मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ अंजीर की खेती और प्रोसेसिंग शुरू की, सालाना 1.5 करोड़ टर्नओवर

आज की कहानी महाराष्ट्र के दौंड के रहने वाले समीर डॉम्बे की। समीर ने 2013 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। एक मल्टीनेशनल कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट भी हो गया। सैलरी भी बढ़िया थी। लेकिन, जॉब सैटिस्फेक्शन नहीं था। वे कुछ इनोवेटिव करना चाहते थे। 2014 में उन्होंने नौकरी छोड़कर अंजीर की खेती करने का फैसला किया। आज देशभर में उनके प्रोडक्ट बिकते हैं। सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ है। समीर कहते हैं- जब नौकरी छोड़कर गांव लौटा, तो परिवार के लोग बहुत नाराज हुए। उनका कहना था कि खेती में क्या रखा है, लोग गांव छोड़कर शहर जा रहे हैं और तुम गांव लौट रहे हो। उन्हें चिंता थी कि नौकरी नहीं रहेगी, तो लड़के की शादी नहीं हो पाएगी। खेती को बिजनेस बनाने का फैसला किया समीर ने बताया- हमारे एरिया में अंजीर की खेती खूब होती है। हमारे घर में भी लोग अंजीर की खेती करते थे। लेकिन उतना मुनाफा नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने खेती को सिर्फ खेती न समझकर बिजनेस बनाने का काम किया। मैंने पोस्ट प्रोडक्शन यानी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को लेकर काम करना शुरू किया। समीर पांच एकड़ जमीन पर अंजीर की खेती कर रहे हैं। वे दूसरे किसानों की फसल भी खर

सिर्फ 10 मिनट में तैयार हो जाएगा चटपटा रायता, ये है इसे बनाने की आसान रेसिपी

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Chopped raita will be ready in just 10 minutes, this is an easy recipe to make

जब WHO ने मानी थी चीन के वुहान में वायरल निमोनिया फैलने की बात, बाद में यही कोविड-19 महामारी बना

आज ही के दिन ठीक एक साल पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने माना था कि चीन के वुहान में ‘वायरल निमोनिया’ फैल रहा है। यही निमोनिया बाद में कोविड-19 के रूप में जाना गया। जिसने अगले तीन महीने के अंदर पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। 30 जनवरी 2020 को हमारे देश में कोरोना का पहला मामला सामने आया। 11 मार्च को WHO ने कोरोना को महामारी घोषित किया। तब तक भारत में कुल 71 मामले सामने आए थे। जबकि, दुनियाभर में उस वक्त तक 1 लाख 48 हजार से ज्यादा मामले आ चुके थे। अकेले चीन में 80 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज थे। 25 मार्च को देश में लॉकडाउन लगा। तब तक भारत में 571 मामले आ चुके थे। 31 मई तक देश में लॉकडाउन लगा रहा। एक जून से अनलॉक की प्रॉसेस शुरू हुई तो देश में कोरोना के 1 लाख 90 हजार से ज्यादा केस हो चुके थे। हमारे देश में अब तक इसके 1 करोड़ 2 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। अभी 2 लाख 60 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। अगर दुनिया की बात करें तो 8 करोड़ 24 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। जिस चीन से कोरोना शुरू हुआ था, वहां अब तक कुल 87 हजार केस ही सामने आए हैं। संक्रमित देशों की लिस्ट में चीन 81

एक्सरसाइज और परिवार को समय देने से तनाव कम होता है, हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम घटाता है प्रोडक्टिविटी

जब आप तनाव में हों या फिर आपके पास करने के लिए कोई काम न हों, तो ऐसे वक्त में आपको क्या करना चाहिए? इसके बारे में बेस्ट सेलिंग बुक इंटेलिजेंस 2.0 और टैलेंट स्मार्ट के को-फाउंडर ट्रैविस ब्राडबेरी 10 तरीके बता रहे हैं। जिनके जरिए आप अपने तनाव को दूर कर सकते हैं और बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। इन तरीकों को आप रेगुलर प्रैक्टिस में लाकर किसी भी जुनून का पीछा कर सकते हैं। ट्रैविस कहते हैं कि ये तरीके हमें अपने गियर को शिफ्ट करने में मदद करते हैं। ये हमें आराम और अपने कामकाज में बदलाव का मौका भी देते हैं। इन 10 नियम का इस्तेमाल करके हम अपनी लाइफ में ज्यादा बैलेंस ला सकते हैं। आइए 10 ग्राफिक्स के जरिए सीखते हैं तनाव कम करने और लाइफ में बैलेंस बनाने के 10 नियम- हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम करने से प्रोडक्टिविटी घट जाती है स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक जब हम हर हफ्ते 50 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी हर घंटे की प्रोडक्टिविटी घट जाती है। जब हम हफ्ते में 55 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी प्रोडक्टिविटी इतना ज्यादा घट जाती है कि हम काम करने लायक नहीं बचते।

2020 में एशियाई, अमेरिकी बाजारों ने दिया 16% तक रिटर्न, यूरोपीय बाजारों में निवेशकों को 12% तक नुकसान

यह साल दुनियाभर के बाजारों के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। मार्च सबसे बुरा रहा, क्योंकि उस महीने दुनियाभर के निवेशकों ने कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण शेयर बेचे। लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार भी थमी रही। इस वजह से अमेरिका और यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट के 33 साल के रिकॉर्ड टूट गए। हालांकि, इस बीच आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ बाजार का रुख भी बदला। निवेशकों ने अमेरिकी और एशियाई बाजारों से अच्छा मुनाफा कमाया, हालांकि यूरोप में उन्हें नुकसान झेलना पड़ा। ग्लोबल स्तर पर टेस्ला और अलीबाबा और भारत में अदाणी ग्रुप के शेयर काफी चर्चा में रहे। दुनियाभर के शेयर बाजारों पर कोरोना का असर तीन हफ्ते में 26% गिर गए थे अमेरिकी बाजार S&P 500 इंडेक्स 4 से 11 मार्च के बीच 12% नीचे आया। 12 मार्च को तो इसमें 9.5% गिरावट आई थी, जो 1987 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट रही। इंडेक्स केवल तीन हफ्तों के 16 कारोबारी दिनों में 26% फिसला था। बता दें कि इससे करीब महीने भर पहले इंडेक्स ने 19 फरवरी को 3,386 के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। पूरे साल में इंडेक्स ने 14% की बढ़त बनाई है

ठंड में सर्दी भगाने के लिए शराब पीने का आइडिया है खराब; जानें शीतलहर में पीना कितना घातक

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों तक हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इन राज्यों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। इसके साथ ही मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ठंड से बचने के लिए लोग शराब का सेवन नहीं करें। अब सवाल ये है कि IMD ने अपनी एडवाइजरी में कहा क्या है? ठंड के इस मौसम का शराब से क्या कनेक्शन है? शराब हमारे शरीर का तापमान कैसे कम करती है? इससे बचने के लिए हमें क्या करना होगा? आइये जानते हैं… IMD ने अपनी एडवाइजरी में क्या कहा है? IMD ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि शीतलहर के दौरान फ्लू, जुकाम, नाक से खून निकलने जैसी परेशानी हो सकती है। जिन लोगों को इस तरह की परेशानी पहले से ही है, ठंड बढ़ने के साथ उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी। एक लिस्ट शेयर की गई है, जिसमें लोगों से कम से कम घर से बाहर निकलने, स्किन को क्रीम या तेल से लगातार मॉइश्चराइज करने, विटामिन-सी रिच फल और सब्जियां खाने और गर्म सूप पीने की अपी

किसी महामारी ने साम्राज्य खत्म कर दिया तो किसी ने अमेरिका की 90% आबादी; कोई 700 साल बाद भी बेकाबू

पिछले साल नवंबर में चीन के वुहान में एक अलग तरह का फ्लू फैल रहा था। ठीक एक साल पहले 31 दिसंबर 2019 को WHO ने इसे वायरल निमोनिया बताया। यही वायरल निमोनिया हम सब के बीच कोविड-19 के रूप में पहुंचा। तीन महीने बाद 11 मार्च को WHO ने इसे महामारी घोषित कर दिया। कोरोना से अब तक दुनियाभर में 18 लाख मौतें हो चुकी हैं। जान गंवाने वालों में करीब 1.5 लाख भारतीय हैं। 2020 को हम अब तक का सबसे बुरा साल मान रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इंसान के हजारों साल के इतिहास कई ऐसे बरस बीते हैं, जिनमें कोई न कोई महामारी फैली और करोड़ों लोगों की जान चली गई। जस्टिनियन प्लेग ने करीब 1500 साल पहले एक साम्राज्य ही खत्म कर दिया। वहीं 15वीं सदी में चेचक ने अमेरिका की 90% आबादी को मार डाला था। करीब 100 साल पहले स्पैनिश फ्लू से 5 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आइए जानते हैं ऐसी 10 महामारियों के बारे में, जिन्होंने हमारे पूर्वजों का पूरा साल बिगाड़ दिया था... 1. एंटोनियन प्लेग | सालः 165 रोम में फैली बीमारी से राजा समेत 50 लाख लोग मारे गए इतिहास में जाएं तो साल 165 में पहली बार कोई महामारी फैली थी। उसे एंटो