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Showing posts from November, 2020

दिल्ली-हरियाणा सीमा पर CRPF और पुलिस बटालियन तैनात, 2 बजे तक मेट्रो रेल बंद

कृषि कानून के विरोध में किसानों का 26 से 28 नवंबर तक दिल्ली चलो आंदोलन है। इसको लेकर दिल्ली हरियाणा सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर पुलिस फोर्स के अलावा CRPF की 3 बटालियन तैनात की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, आने-जाने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा रही है। होमगार्ड के जवान भी तैनात हैं। सीनियर अफसर लगातार दौरा कर रहे हैं। हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। किसानों रैली को देखते हुए दिल्ली-NCR में मेट्रो दोपहर 2 बजे तक बंद कर दी गई है। किसान आंदोलन को लेकर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। एक लाख किसानों के जुटने का दावा कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के सैकड़ों किसान हरियाणा सीमा में प्रवेश कर गए हैं। हरियाणा सरकार ने पंजाब बॉर्डर सील कर दिया है। किसान संगठन का दावा है कि गुरुवार को यहां सीमा पर 1 लाख से ज्यादा किसान जुटेंगे। इधर, बुधवार को चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर 15 किमी लंबा जाम लग गया। अम्बाला हाईवे पर इकट्ठा हुए राज्य के किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने उन पर पानी की बौछार भी की। यहां गुस्साए किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। यहां एहतियातन धारा 144

दोनों टीमें 21 महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में आमने-सामने, कोहली के पास मेजबान से लगातार तीसरा मैच जीतने का मौका

कोरोना के बीच ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया शुक्रवार को सिडनी में 3 वनडे की सीरीज का पहला मैच खेलेगी। दोनों टीमें 21 महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में आमने-सामने होंगी। ऑस्ट्रेलिया में दोनों के बीच पिछला मुकाबला 15 जनवरी 2019 को खेला गया था। एडिलेड में खेले गए इस वनडे में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हराया था। दोनों के बीच खेले गए पिछले दोनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलिया इस साल जनवरी में भारत दौरे पर आई थी। तब 3 वनडे की सीरीज के आखिरी दो मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी। ऐसे में टीम इंडिया के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरा मैच जीतने का मौका है। पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ने जीती थी सीरीज पिछली बार भारतीय टीम ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 3 वनडे की सीरीज खेली थी। पहला वनडे हारने के बाद टीम इंडिया ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। तब भी भारतीय टीम की कमान विराट कोहली के हाथ में ही थी। ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी एरॉन फिंच के ही पास थी। इस बार भी दोनों टीम के बीच 3 ही वनडे की सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के घर में भी कोहली की ट

कोरोना और केंद्र ने राज्यों को कर्जदार बनाया; पिछले से इस साल की पहली छमाही का कर्ज 57% बढ़कर 3.82 लाख करोड़ हुआ

RBI की ओर से हर महीने जारी होने वाला वित्तीय मामलों से जुड़ा बुलेटिन जारी कर दिया गया है। यह एक तरह की मासिक रिपोर्ट होती है। इसमें दिए जाने वाले आंकड़ों से देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। नवंबर के लिए जारी हुआ यह बुलेटिन इस वित्त वर्ष के दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) से जुड़े कई आंकड़ों को भी समेटे हुए है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में राज्यों ने बाजार से 3 लाख 53 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। यह पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) की तुलना में 57% ज्यादा है। साधारण भाषा में समझें तो पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच देश के सभी राज्यों ने बाजार से 2 लाख 25 हजार करोड़ का कर्ज लिया था। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 82 हजार करोड़ हो गया है। अगर हम पिछले वित्त वर्ष की (2019-20) पहली छमाही की तुलना उससे पहले वाले वित्त वर्ष (2018-19) की पहली छमाही से करें तो यह आंकड़ा बढ़ा तो था, लेकिन 43%। यानी इस बार राज्यों को बाजार से ज्यादा ही कर्ज लेना पड़ा। केंद्र पर राज्यों का डेढ़ लाख करोड़ GST बकाया RBI के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी व

24 घंटे में एक्टिव केस में 7.5 हजार की बढ़ोतरी, यह 98 दिन में सबसे ज्यादा

देश में फिर एक बार नए केस ज्यादा रहे और इसके मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम रही। इससे एक्टिव केस में बढ़ोतरी हो गई। बीते 24 घंटे में 44 हजार 699 नए केस आए, 36 हजार 582 मरीज ठीक हुए और 518 की मौत हो गई। इस तरह इलाज करा रहे मरीजों की संख्या, यानी एक्टिव केस में 7586 की बढ़ोतरी हो गई। यह 19 अगस्त के बाद सबसे ज्यादा है। तब 8847 मरीज बढ़े थे। कुल एक्टिव केस का आंकड़ा भी नौ दिन बाद बढ़कर साढ़े चार लाख के पार हो गया है। इससे पहले 16 नवंबर को 4.53 लाख एक्टिव केस थे। यह घटते हुए 23 नवंबर को सबसे कम 4.37 हजार हो गए थे। देश में अब तक कोरोना के 92.66 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 86.77 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं और 1.35 लाख की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। 20 राज्यों में दूसरी लहर की आहट देश में अब 20 राज्य ऐसे हैं जहां एक्टिव मरीजों की संख्या फिर से बढ़नी शुरू हो गई है। इसमें उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल भी शामिल हैं। इन राज्यों में हर दिन ठीक होने वाले मरीजों से ज्यादा नए केस आ रहे हैं। मतलब यहां कोरोना की दूसरी लहर ने आहट

24 घंटे में एक्टिव केस में 7.5 हजार की बढ़ोतरी, यह 98 दिन में सबसे ज्यादा

देश में फिर एक बार नए केस ज्यादा रहे और इसके मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम रही। इससे एक्टिव केस में बढ़ोतरी हो गई। बीते 24 घंटे में 44 हजार 699 नए केस आए, 36 हजार 582 मरीज ठीक हुए और 518 की मौत हो गई। इस तरह इलाज करा रहे मरीजों की संख्या, यानी एक्टिव केस में 7586 की बढ़ोतरी हो गई। यह 19 अगस्त के बाद सबसे ज्यादा है। तब 8847 मरीज बढ़े थे। कुल एक्टिव केस का आंकड़ा भी नौ दिन बाद बढ़कर साढ़े चार लाख के पार हो गया है। इससे पहले 16 नवंबर को 4.53 लाख एक्टिव केस थे। यह घटते हुए 23 नवंबर को सबसे कम 4.37 हजार हो गए थे। देश में अब तक कोरोना के 92.66 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 86.77 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं और 1.35 लाख की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। 20 राज्यों में दूसरी लहर की आहट देश में अब 20 राज्य ऐसे हैं जहां एक्टिव मरीजों की संख्या फिर से बढ़नी शुरू हो गई है। इसमें उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल भी शामिल हैं। इन राज्यों में हर दिन ठीक होने वाले मरीजों से ज्यादा नए केस आ रहे हैं। मतलब यहां कोरोना की दूसरी लहर ने आहट

तमिलनाडु से टकराया तूफान; दुनिया में कोरोना के 6 करोड़ मरीज और कोविड-19 की नई गाइडलाइंस

नमस्कार! देश के कई राज्यों में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं जबकि ठीक होने वालों की संख्या कम हो रही है। इस बीच, पंजाब सरकार ने राज्य में 1 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। बहरहाल, शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ। सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है… BSE का मार्केट कैप 172.56 लाख करोड़ रुपए रहा। करीब 56% कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 2,964 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,110 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,689 कंपनियों के शेयर गिरे। आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। 10 ट्रेड यूनियनों का दावा है कि देशभर में इसमें 25 करोड़ कर्मचारी शामिल होंगे। महाराष्ट्र में BMC के खिलाफ दायर की गई कंगना रनोट की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट आज फैसला सुना सकती है। देश-विदेश कोरोना की नई गाइडलाइन: कंटेनमेंट जोन्स में सख्ती पर जोर केंद्र सरकार ने बुधवार को कोरोना पर नई गाइडलाइन जारी की। इसमें केंद्र का फोकस कंटेनमेंट जोन पर है। सरकार ने यहां राज्यों से सख्ती और सावधानी बरतने को कहा है। राज्यों को छूट दी गई है कि वो अप

अभी मास्क ही वैक्सीन और 6 फीट की दूरी जरूरी, इससे कोरोना का खतरा 90% तक घटेगा

कोरोना वैक्सीन पर दुनियाभर में काम चल रहा है। भारत में अगले साल की शुरुआत में लोगों को वैक्सीन लगना शुरू हो जाएगी, लेकिन देश की आबादी 135 करोड़ है। हर एक आदमी तक वैक्सीन पहुंचने में कुछ साल लग सकते हैं। ऐसे में मास्क ही हमें कोरोना से बचाएगा। इसलिए दैनिक भास्कर यह अभियान चला रहा है कि अभी मास्क ही वैक्सीन है। मास्क पहनिए और कोरोना की दूसरी लहर को फैलने से रोकिए। दुनियाभर के डॉक्टर्स भी यही कह रहे हैं कि यदि हर व्यक्ति ठीक तरह से मास्क पहनने को लेकर जिम्मेदार बन जाए तो कोरोना को काफी हद तक रोका जा सकता है। यह काम बहुत मुश्किल भी नहीं है। आप 3 काम करके कोरोना की दूसरी लहर को रोक सकते हैं... 1. मास्क पहनिए ग्लोबल रिसर्च में यह साबित हुआ है कि जहां 50% से 80% लोगों ने मास्क पहना, वहां कोरोना कंट्रोल में आ गया। जब हम बात करते हैं, तब हमारे मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स डेढ़ से दो फीट तक जा सकते हैं। बिना मास्क तेजी से बात करेंगे तो ड्रॉपलेट्स की रेंज 6 फीट तक हो जाएगी। मास्क होगा, तो ये ड्रॉपलेट्स ढाई इंच से आगे नहीं जा सकेंगे। इससे संक्रमण का खतरा 90% तक घट जाएगा। 2. दूरी रखिए कोरोना

तूफान से भी अधिक डरावना था, तूफान का वो खौफ!

चेन्नई एयरपोर्ट से बाहर निकला ही था कि टैक्सी वालों ने घेर लिया। "सब क्लोज्ड। नो बस। नो ट्रेन। तूफान कमिंग। किधर गोइंग? हम ले जाएगा।" घुटनों तक लपेटी हुई झकदार सफेद लुंगी और चेकदार शर्ट पहने एक साउथ इंडियन टैक्सी वाला मेरे पीछे पड़ गया। हिंदी, अंग्रेज़ी की खिचड़ी पकाकर वो लगातार तूफान की बातें किए जा रहा था। मुझे समझ नहीं आया कि वह मुझे तूफान का डर दिखा रहा है या अपने भीतर के डर को छिपाने की कोशिश कर रहा है। तूफान अभी भी बंगाल की खाड़ी में खासा पीछे करवटें ले रहा था। चेन्नई से करीब 400 किलोमीटर दूर। मगर उसका डर चेन्नई के सिर चढ़कर बोल रहा था। तूफान के चलते पूरे तमिलनाडु में एक लाख से अधिक लोगों को निकाला गया और पुडुचेरी में 1,000 से अधिक लोगों को निकाला गया। मैं अब तक अपनी पहले से बुक टैक्सी में सवार होकर महाबलीपुरम की ओर निकल पड़ा था। पिछले 24 घंटे से लगातार जारी बारिश से शहर पानी-पानी था। निवार साइक्लोन की आहट आसमान में थी पर उसका शोर मध्यम पर था। तूफान के चलते बुधवार के दिन स्कूल-ऑफिस की छुटि्टयां कर दी गई थीं। पूरे शहर में अजीब सी खामोशी थी। शायद जेहन में पलते हुए तूफान ने

कोरोनाकाल में फीकी शादी की धूम, उधर बन रहे नए कानून

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Marriage has faded due to Corona, there are new laws for marriage.

युवाओं के साथ समानता और सम्मान के साथ बात करेंगे तो वे भी बेस्ट रिजल्ट देंगे

कहानी- नई पीढ़ी से काम कैसे लेना चाहिए, ये रामायण में श्रीराम ने बताया है। राम वानर सेना के साथ लंका पहुंच चुके थे। युद्ध के ठीक पहले रावण के दरबार में कोई दूत भेजना था। उस समय इस काम के लिए हनुमानजी सबसे अच्छे विकल्प थे, क्योंकि वे एक बार पहले भी लंका में जा चुके थे। लंका को अपनी पूंछ से जला देने के कारण वहां उनका प्रभाव भी था और डर भी लेकिन, हनुमानजी ने युवा अंगद को भेजने की सलाह दी। यहां हनुमानजी ने संदेश दिया है कि हमारी सेकंड लाइन भी हमेशा तैयार रहनी चाहिए। श्रीराम ने अंगद को दूत बनाकर भेज दिया। अंगद ने रावण की भरी सभा में प्रस्ताव रखा कि मैंने यहां पैर जमा दिया है, इसे अगर कोई हिला देगा तो मैं सीता को हार जाऊंगा और राम वापस चले जाएंगे। रावण के बड़े-बड़े योद्धा भी अंगद का पैर हटा नहीं सके। जब अंगद लौटकर आए तो श्रीराम को मालूम हो गया था कि अंगद ने कितनी जोखिम भरी शर्त रखी थी। श्रीराम की जगह कोई और होता तो अंगद को उसके गुस्से का सामना करना पड़ता कि ये क्या मूर्खता की तुमने? लेकिन, श्रीराम ने ऐसा नहीं किया। श्रीराम जानते थे कि अंगद युवा है, इसमें जोश है। उन्होंने दो काम किए। एक

गरीब परिवार में जन्मे, भाई की गिफ्ट दी फुटबॉल रखकर सोते थे; गोल ऑफ द सेन्चुरी उन्हीं के नाम

फुटबॉल के महान प्लेयर्स में से एक डिएगो आर्मैंडो मैराडोना का बुधवार को 60 साल की उम्र में निधन हो गया। मैराडोना गरीब परिवार में जन्मे थे। हालांकि, जो शोहरत, पैसा और मुकाम मैराडोना ने हासिल की, उसकी कोई खिलाड़ी बस कल्पना ही कर सकता है। उनके भाई ने उन्हें एक फुटबॉल गिफ्ट की थी। इससे इतना प्यार हुआ कि 6 महीने तक पास रखकर सोते थे। इसी फुटबॉल में इतनी महारत हासिल कर ली कि गोल ऑफ द सेन्चुरी किया। इसे हैंड ऑफ गॉड का नाम दिया गया और इसी की बदौलत अर्जेंटीना वर्ल्ड कप जीता। उन्हें फीफा ने प्लेयर ऑफ द सेन्चुरी भी चुना। ये अवॉर्ड उन्होंने एक और फुटबॉल लीजेंड पेले के साथ साझा किया था। 10 साल की उम्र में मैराडोना रोजा एस्ट्रेला क्लब के लिए खेलते थे। 1. ब्यूनस आयर्स की झोपड़पट्टी में रहते थे मैराडोना का जन्म ब्यूनस आयर्स के लानुस में एक गरीब परिवार में हुआ था। ये ब्यूनस आयर्स की झुग्गी-झोपड़ी वाला इलाका था। मैराडोना के पिता डॉन डिएगो और मां साल्वाडोरा फ्रेंको को 3 बेटियों के बाद पहला बेटा मिला था, मैराडोना। ये परिवार बाद में बढ़कर 8 भाई-बहनों वाला हो गया। मैराडोना जब 3 साल के थे, तो उन्हें उनक

ब्रेड बेचने वाले विकास ने कैसे खड़ी की करोड़ों की कंपनी, 9 साल की उम्र से पैसा कमाना शुरू कर दिया था

यूपी के जालौन जिले में आने वाले रामपुरा गांव के विकास उपाध्याय कभी ब्रेड बेचा करते थे। आज करोड़ों के टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक हैं। दो से तीन लाख रुपए उनकी मंथली इनकम है। विकास खुद बता रहे हैं कि विपरीत हालात में उन्होंने खुद को कैसे आगे बढ़ाया और कैसे अपना बिजनेस सेट किया। कुछ सालों पहले तक मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। पिताजी गांव में ही एक छोटी से किराने की दुकान चलाते थे, उससे ही परिवार का गुजर बसर होता था। मां को बीमारी हुई तो पिताजी को कर्ज लेना पड़ा और स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो गई। हालात इतने बिगड़े कि पिताजी गांव छोड़कर दिल्ली चले गए और वहां सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगे। उस समय मेरी उम्र महज 9 साल थी। तभी मेरे दिमाग में ये चलने लगा था कि मैं ऐसा क्या करूं, जिससे कुछ कमाई हो। एक दिन घर के सामने से कुछ बच्चों को गुजरते देखा। वो चिल्ला रहे थे कि ब्रेड ले लो, ब्रेड ले लो। उन्हें देखकर लगा कि क्यों न ब्रेड बेचूं। कुछ न कुछ तो मिलता होगा, तभी ये लोग भी बेच रहे हैं, तो मैंने भी ब्रेड बेचना शुरू कर दी। इससे घर में थोड़ी बहुत मदद होने लगी। मैं दिन-रात यह