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Showing posts from October, 2020

चर्चा है अश्विनी चौबे जहर की शीशी लेकर बैठे थे कि गुप्तेश्वर पांडे को टिकट मिला तो जहर पी लेंगे

बक्सर जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर हरपुर-जयपुर पंचायत में एक गांव है गेरूआबांध। 700 के करीब गांव की आबादी है। यहां ब्राह्मण और यादवों की संख्या ज्यादा है, जबकि दलितों के चार-पांच घर ही हैं। उनके घर टूटे हुए या झोपड़ी वाले हैं। इसी गांव के रहने वाले हैं बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, जो पिछले दिनों सुशांत सिंह केस की जांच के वक्त चर्चित हुए थे।गांव के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही एक अधेड़ मिले, जो घास काट रहे थे। उनसे पूछा कि पांडेजी का गांव यही है न? उन्होंने हां में सिर हिलाया। जब उनसे सवाल किया कि गांव के लिए पांडे जी ने कुछ काम किया है कि नहीं? उन्होंने कहा, 'गांव खातिर का कइले बानी, कुछु ना। उहां के त आइना और जाइना। ( गांव के लिए कुछ नहीं किए हैं, वो यहां कुछ देर के लिए आते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं।)गांव में पक्की सड़क है, देखकर ऐसा लगता है कि चुनावी मौसम से थोड़े दिन पहले ही बनी है। आगे बढ़ने पर एक झोंपड़ी में कुछ लोग बैठे मिले। उनसे पूर्व डीजीपी का घर पूछा तो एक युवक ने हाथ से इशारा किया कि बगल में ही है। इन्हीं में से एक 50-55 साल के तेजनारायण पांडे हैं। ये …

बिहार में वोट मांगने गए नीतीश के काफिले पर जनता ने हमला किया? 2 साल पुराना है वीडियो

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में भीड़ एक वीआईपी काफिले पर हमला करती दिख रही है। काफिले के साथ मौजूद पुलिस बल भीड़ पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।28 अक्टूबर से बिहार विधानसभा चुनावों की वोटिंग शुरू होनी है। दावा है कि इसी चुनाव के लिए जब जदयू प्रमुख नीतीश कुमार वोट मांगने गए। तो जनता ने उन पर इस तरह अपना गुस्सा निकाला। वीडियो के साथ कैप्शन शेयर किया जा रहा है - नीतीश कुमारजी आप इतना अच्छा काम करते ही क्यों होबिहार की जनता आपका न जाने कब से स्वागत करने के लिए खड़ी इंतज़ार कर रही थी...और जैसे ही स्वागत करने का समय आया आप जनता के बीच से भाग खड़े हुए।ऐसे कैसे चलेगा सुशासन बाबूऔर सच क्या है ?इंटरनेट पर हमें हाल की ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि बिहार चुनाव में प्रचार के दौरान नीतीश कुमार पर हमला हुआ।वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें ‘आज तक’ न्यूज चैनल के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो मिला। यहां वीडियो 2 साल पहले अपलोड किया गया है। हालांकि, ये बात सच है कि जिस काफिले पर हमला हुआ वो नीतीश कुमार का ही था।प…

ऐश्वर्या यह अवॉर्ड जीतने वाली देश की पहली लड़की, 11 साल की उम्र में शुरू की थी फोटोग्राफी

ऐश्वर्या श्रीधर नवी मुंबई में रहती हैं। वे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के अलावा वाइल्डलाइफ प्रजेंटेटर और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर भी हैं। 23 साल की ऐश्वर्या को 2020 वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया गया है। वो यह पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लड़की हैं।'लाइट्स ऑफ पैशन' टाइटल वाली उनकी फोटो ने दुनिया भर के 80 से अधिक देशों की 50,000 एंट्रीज में पहली पोजिशन हासिल की। ऐश्वर्या ने बिहेवियर इनवर्टेब्रेट्स कैटेगरी में यह पुरस्कार जीता।इस फोटो के लिए ऐश्वर्या को मिला वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर अवॉर्ड।ऐश्वर्या को इससे पहले सेंक्चुरी एशिया यंग नेचरलिस्ट अवॉर्ड और इंटरनेशनल कैमरा फेयर अवॉर्ड भी मिला है। वो यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की लड़की हैं। ऐश्वर्या अपने करिअर, रोल मॉडल और इस क्षेत्र में आने वाली लड़कियों के लिए क्या कहती हैं, जानिए उन्हीं की जुबानी:'मुझे बचपन से वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी का शौक था। मेरे डैडी बॉम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी के मेंबर हैं। उनके साथ मैं कई जगह जाती थी। तभी मुझे ये शौक लगा। जब मुझे डैडी ने मेरे बर्थडे पर पहला कैमरा गिफ्ट किया तो मैंने छोट…

रिकवरी के बाद मरीजों के फेफड़े, हार्ट, किडनी पर बुरा असर, 64% सांस की तकलीफ से जूझ रहे

कोरोना से रिकवर होने वाले 64% मरीजों में कई महीनों तक वायरस का असर दिख रहा है। इलाज के बाद भी मरीज सांस लेने की दिक्कत, थकान, बेचैनी और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। यह रिसर्च करने वाली ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है- कोरोना का संक्रमण होने के 2 से 3 महीने बाद ये असर दिखना शुरू हो रहा है। रिसर्च के दौरान पाया गया कि 64% मरीज सांस लेने की तकलीफ से जूझ रहे थे। वहीं, 55% थकान से परेशान थे।ज्यादातर मरीजों में फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे
रिसर्च के मुताबिक, मरीजों की MRI करने पर पता चला कि कोरोना के 60% मरीजों के फेफड़े एब्नॉर्मल मिले। 29% मरीजों की किडनी में दिक्कतें मिलीं। वहीं, 26% में हार्ट प्रॉब्लम्स और 10% को लिवर से जुड़ी समस्याएं हुईं।55% थकान से जूझ रहे
रिकवरी के बाद 55% मरीज थकान से जूझ रहे हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रेडक्लिफ डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर बैटी रमन कहते हैं- आंकड़े बताते हैं कि रिकवरी के बाद शरीर की जांच करने की जरूरत है। डिस्चार्ज के बाद उन्हें मेडिकल केयर देने के लिए एक मॉडल डेवलप किया जाना चाहिए।ऑर्गेन फेल्योर और सूजन के बीच कनेक्शन मिला
डॉक्टर बैट…

टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों को चाहिए जीत, पॉइंट्स टेबल में राजस्थान छठवें और हैदराबाद 7वें नंबर पर

आईपीएल के 13वें सीजन का 40वां मैच राजस्थान रॉयल्स (RR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच दुबई में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों टीमों को यह मैच जीतना जरूरी है। पॉइंट्स टेबल में राजस्थान 8 पॉइंट के साथ छठवें और हैदराबाद 6 पॉइंट के साथ 7वें नंबर पर है। हालांकि राजस्थान ने लीग में अब तक 10 और हैदराबाद ने 9 मैच खेले हैं।पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को हराया था
पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को 5 विकेट से हराया था। राहुल तेवतिया और रियान पराग ने अपने दम पर मैच हैदराबाद से छीन लिया था। राजस्थान ने पहले 9 बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 158 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद ने एक बॉल रहते 5 विकेट पर मैच जीत लिया था।बटलर-स्मिथ राजस्थान के टॉप स्कोरर
राजस्थान के जोस बटलर और कप्तान स्टीव स्मिथ ने राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। बटलर ने 9 मैच में 262 रन और स्मिथ ने 10 मैच में 246 रन बनाए हैं। इसके अलावा संजू सैमसन ने 10 मैच में 236 रन बनाए हैं।आर्चर-तेवतिया के नाम सबसे ज्यादा विकेट
राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले …

माता कात्यायनी की उपासना से रोग, भय और संताप का होगा नाश

महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदि-शक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं। स्कंद पुराण के अनुसार मां कात्यायनी परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से उत्पन्न हुई थीं ।स्वरूपमाता कात्यायनी का भी वाहन सिंह है। इस पर आरूढ़ होकर उन्होंने महिषासुर का वध किया। इनकी दो भुजाएं अभय मुद्रा और वर मुद्रा में हैं। अन्य दो भुजाओं में खड्ग और कमल है।महत्त्वमां कात्यायनी की पूजा से रोग, शोक, संताप, भय का नाश होता है।पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की डायरेक्टर डॉ. प्रिया अब्राहम कोरोना रूपी महिषासुर के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले सबसे प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने न केवल भारत में सबसे पहले कोरोना वायरस को आइसोलेट किया, बल्कि पूरे देश में इस संक्रमण की जांच के लिए लेबोरेट्रीज का जाल बिछाया।भारत में 30 जनवरी 2020 को कोरोना संक्रमण का पहला केस कन्फर्म हुआ। उस समय पूरे देश में केवल एनआईवी में ही कोरोना की जांच होती थी। यह देश की सबसे बड़ी हेल्थ रिसर्च बॉडी आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) का इंस्टीट्यूट है। इस घटना से करीब दो …

युवा फालतू फोन से छुटकारा पाएं और भारत को अमीर बनाने के लिए काम करें

प्रिय मित्रों, मैं नहीं जानता की एक बड़े समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बावजूद, यह पत्र आप तक पहुंचेगा या नहीं। आपमें से तमाम लोग फोन पर बात करने, वीडियो देखने, चैटिंग, सोशल मीडिया पर कमेंट या सिर्फ सुंदर सेलेब्रिटीज की फीड देखने में व्यस्त होंगे, क्योंकि किसी आर्टिकल को पढ़ना आपकी प्राथमिकता में बहुत नीचे है। हालांकि, अगर आपको इसे पढ़ने का मौका मिल जाए तो कृपया पूरा पढ़ें।आप फोन पर अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रहे हो। हां, आप भारत के इतिहास की पहली युवा पीढ़ी हो, जिसे स्मार्टफोन व सस्ता डेटा उपलब्ध है और आप हर दिन घंटों इस पर बिता रहे हो। अपना स्क्रीन टाइम देखें, जो युवाओं के लिए अक्सर औसत 5-7 घंटे है। रिटायर अथवा स्थापित लोग अपने गैजेट्स पर इतना समय व्यतीत कर सकते हैं। एक युवा, जिसे अभी अपनी जिंदगी बनानी वह ऐसा नहीं कर सकता।पांच घंटे आपके उत्पादकता वाले कामकाजी समय का एक तिहाईपांच घंटे आपके उत्पादकता वाले कामकाजी समय का एक तिहाई है। फोन की लत आपकी जिंदगी का एक हिस्सा खा रही है। यह कॅरिअर की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रही है और दिमाग खराब कर रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा था तो आपकी पीढ़ी 4Gott…

आम आदमी संक्रमण से खुद को बचाए, सरकार मृत्युदर और कम करे

केरल में हाल ही में ओनम का त्योहार मनाया गया और इस दौरान लोगों का मिलना-जुलना काफी बढ़ गया। सितंबर के बाद से यहां करीब 23 से 25 फीसदी तक इंफेक्शन का रेट बढ़ गया। अब हम सभी को इससे सबक लेना चाहिए। अब पूरे देश में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में फिजिकल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) बहुत जरूरी है।इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि अब लॉकडाउन नहीं है। अभी तक सरकार के जो अनुमान हैं कि फरवरी के बाद से हम कोरोना वायरस की स्थिति को नियंत्रण में कर सकेंगे, उसके पीछे तर्क यह है कि अभी जिस गति से देश में कोरोना का इंफेक्शन कम हुआ है, यदि ऐसा ही आगे भी चलता रहा, तो फरवरी तक स्थिति नियंत्रण में रहेगी। यानी समिति ने यह माना है कि संक्रमण में जो गिरावट अभी आई है, वैसी ही आगे भी आती रहेगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या त्योहारों की भीड़-भाड़ के बीच ऐसा संभव हो सकेगा?कई देशों में कोरोना की दूसरी लहरहमें सावधानी के साथ यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि बाकी देशों में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहरें आई हैं। यूरोप, अमेरिका और इजरायल आदि में तो दूसरी लहर पहली लहर से भी कहीं ज्यादा बड़ी रही है। भले ही अब सब जगह कोरोन…

जांच गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर की, लोग आयोग से शिकायत कर रहे- कब्जाई जमीन वापस दिलवाएं, गिरोह से जान का खतरा

(पवन कुमार) यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर की जांच कर रहे जस्टिस बीएस चौहान आयोग को इन दिनों अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके पास ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनसे आयोग का कोई वास्ता ही नहीं है।कोई विकास दुबे के गिरोह से अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा है, तो कोई अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करने की बात कह रहा है। जवाब में आयोग ने ऐसी शिकायतों पर संबंधित लोगों को पुलिस, कोर्ट व प्रशासन के पास गुहार लगाने की बात कही है। 8 पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोपी, गैंगस्टर विकास 10 जुलाई को कानपुर में एनकाउंटर में मारा गया था। एनकाउंटर फर्जी बताया गया तो जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग गठित हुआ।दर्जनभर से ज्यादा शिकायतें मिलींदरअसल, जबसे जांच आयोग बना है, तबसे उसे दर्जनभर से ज्यादा ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनका एनकाउंटर से कोई लेना-देना नहीं है। एक शिकायत में तो एक शख्स ने पत्र लिखकर कहा कि विकास दुबे के मारे जाने के बाद उसके गैंग के सदस्य पुलिस मुखबिरी को लेकर उस पर संदेह कर रहे हैं और वे उसे मारना चाहते हैं। इसलिए, उसे पुलिस सुरक्षा दिलवाई जाए।वहीं, कानपुर के एक व्यक्ति ने…

केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस; कमलनाथ-तोमर पर FIR के आदेश और प्याज हुआ महंगा

नमस्कार!चुनावी मौसम में प्याज की कीमत बढ़ रही है। मुंबई में रिटेल में प्याज 100 रुपए किलो बिक रहा है। इस बीच, अच्छी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने बोनस का ऐलान कर दिया है। फायदा 30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।चलिए, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…बदलावसेंसेक्स40,707.31+162.94डॉलर73.58+0.9सोना (मुंबई)प्रति 10 ग्राम (वायदा बाजार में)51,108+198मार्केट हाइलाइट्सBSE का मार्केट कैप 159 लाख करोड़ रुपए रहा। करीब 48% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।BSE में 2,835 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,367 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,293 कंपनियों के शेयर गिरे।आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे बंगाल के लोगों को दुर्गा पूजा की शुरुआत पर संबोधित करेंगे। बंगाल में षष्ठी से दुर्गा पूजा की शुरुआत होती है।IPL में शाम साढ़े सात बजे राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच होगा।एमजे अकबर बनाम प्रिया रमानी मानहानि केस में दिल्ली की अदालत फैसला सुना सकती है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंशियल क…

चावल-दाल की बोरी से सजाया पंडाल, शस्त्र की बजाय राहत सामग्री दी और मटमैली साड़ी पहनाई

कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा तकलीफ प्रवासी मजदूरों को उठानी पड़ी। उनके दर्द और तबाही की कहानी समाचारों में छाई रही। अब उन्हीं मजदूरों की दास्तां को मूर्ति में उकेरने का काम किया है पश्चिम बंगाल के कलाकार पल्लव भौमिक ने। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनकी क्रिएटिविटी को काफी पसंद किया जा रहा है। नदिया जिले कृष्णनगर के रहने वाले पल्लव पिछले 20 साल से तस्वीरें और मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं।कोलकाता में बारिशा क्लब की एक पूजा के लिए उन्होंने फाइबर ग्लास से प्रतिमा बनाई है। जिसमें अपने बच्चों के साथ घर लौटती प्रवासी महिला मजदूर को ही देवी का रूप दे दिया है। उनकी इस कला को देखने के लिए पहले दिन से ही भारी भीड़ उमड़ रही है।इस प्रतिमा को बनाते समय खुद पल्लव ने भी नहीं सोचा था कि यह लोगों को इतनी पसंद आएगी। वो कहते हैं,' लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही हम घर की चारदीवारी में कैद थे। जब भी टीवी ऑन करते तो हजारों की तादाद में पैदल चलते भूखे-प्यासे मजदूर नजर आते थे। इसलिए हमने इस बार की थीम इन प्रवासी मजदूरों को ही बनाने का फैसला किया। खासकर मैंने महिलाओं और बच्चों की तकलीफों पर फोकस किया।कोलकाता…

दो दिव्यांग जो हीरे की फैक्ट्री में काम करती हैं; पिता की मौत के बाद घर चलाने के लिए शुरू किया था काम

पंकज रामाणी। आमतौर पर डायमंड के बिजनेस में पुरुष ही ज्यादा शामिल रहे हैं। लेकिन, सूरत की दो दिव्यांग महिलाएं पिछले कुछ सालों से हीरे के कारोबार में धूम मचा रही हैं। सरथाणा-सीमाणा इलाके में हरि कृष्णा एक्सपोर्ट हीरा कंपनी में काम कर रही काजल बेन सोरठिया और अमिता बेन शांतिलाल आज अच्छी खासी कमाई कर रही हैं।सौराष्ट्र के चितल गांव की रहने वाली काजलबेन सोरठिया ने 12वीं के बाद एनिमेशन का कोर्स किया। वो कहती हैं, 'सूरत में इस कोर्स का स्कोप कम था। इसी बीच पापा की डेथ भी हो गई। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। चाचा ने कहा कि डायमंड बिजनेस में तुम्हारी क्रिएटिविटी का उपयोग हो सकता है।'काजलबेन सोरठिया और अमिताबेन शांतिलाल दोनों दिव्यांग हैं।काजल बेन बताती हैं कि शुरुआत में थोड़ी हिचकिचाहट हुई, लेकिन परिवार में छोटे भाई की देखरेख की जिम्मेदारी भी थी। फिर मैंने काम सीखना शुरू किया। अब पिछले सात साल से डायमंड का काम कर रही हूं। महीने के 60 से 70 हजार रुपए कमा लेती हूं।प्रधानमंत्री ने सम्मान किया, वो पल कभी नहीं भूल सकतीं : काजल बेनहरि कृष्णा एक्सपोर्ट कंपनी में डायमंड की गैलेक्सी-क्…

सर्च में Google की दादागिरी के खिलाफ अमेरिका में केस; जानिए भारत में क्या असर पड़ेगा?

अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 राज्यों ने सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजिन Google पर मुकदमा दर्ज किया है। उस पर आरोप लगा है कि प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार जमाने के लिए उसने अवैध तरीके से ऐपल और स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से एक्सक्लूसिव डील्स की।दो दशक में यह किसी टेक्नोलॉजी फर्म के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा है। इससे पहले 1998 में इसी तरह का मुकदमा माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी दर्ज हुआ था। वैसे, Google पर यह आरोप पहले भी लगते रहे हैं। अब खबरें यह भी आ रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया और जापान भी यूरोप और अमेरिका के साथ बड़ी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने की तैयारी में है।ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन मुकदमों में Google पर क्या आरोप लगे हैं? इसका क्या असर पड़ सकता है? आइए इन प्रश्नों के जवाब तलाशते हैं...सबसे पहले, मुकदमा क्या है और किसने किया है?“Today, millions of Americans rely on the Internet and online platforms...Competition in this industry is vitally important, which is why today’s challenge against Google...for violating antitrust laws is a monumental c…

10 करोड़ नौकरियों का अवसर, वर्किंग डिजिटलाइज होगी; इन स्किल्स से बढ़ेंगे आपके चांस

वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) पहली बार वर्चुअल ग्लोबल जॉब री-सेट समिट कर रहा है। 20 अक्टूबर से शुरू हुई ये समिट 23 तक चलेगी। इन चार दिनों में दुनियाभर की बड़ी कंपनियों के सीईओ, अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट्स अपनी बात रखेंगे। कोरोना के कारण दुनियाभर के सर्विस सेक्टर में क्या बदलाव आए हैं? कितनी नौकरियां गई हैं? कौन से नए सेक्टर हैं, जिनमें नई नौकरियों के अवसर आने वाले हैं? इन सब पर इस समिट में बात हो रही है।समिट के पहले दिन ये बात सामने आई कि कोरोना ने जॉब का लैंडस्केप बदल दिया है। यानी, अब आपको नौकरी के लिए खुद को री-स्किल्ड करना होगा। क्योंकि, कई ऐसे सेक्टर सामने आने वाले हैं, जिनके लिए अलग-अलग स्किल वाले लोगों की जरूरत होगी। कंपनियां डिजिटलाइज होंगी। ऑफिस से काम करने का कल्चर कम होगा। अगर आपने इन नई जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल लिया, तो आपके लिए नौकरियां ही नौकरियां हैं।मशीन VS मैनपॉवर की डिबेट बहुत पुरानी है। यह औद्योगिकीकरण के साथ ही शुरू हो गई थी। मशीन मास प्रोडक्शन के लिए जरूरी है, लेकिन ये मैनपावर का विकल्प कभी नहीं बन सकी। कोरोना के बाद मैनपावर वर्किंग और घटेगी। उनकी जगह मशीनें ले…