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चर्चा है अश्विनी चौबे जहर की शीशी लेकर बैठे थे कि गुप्तेश्वर पांडे को टिकट मिला तो जहर पी लेंगे

बक्सर जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर हरपुर-जयपुर पंचायत में एक गांव है गेरूआबांध। 700 के करीब गांव की आबादी है। यहां ब्राह्मण और यादवों की संख्या ज्यादा है, जबकि दलितों के चार-पांच घर ही हैं। उनके घर टूटे हुए या झोपड़ी वाले हैं। इसी गांव के रहने वाले हैं बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, जो पिछले दिनों सुशांत सिंह केस की जांच के वक्त चर्चित हुए थे।गांव के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही एक अधेड़ मिले, जो घास काट रहे थे। उनसे पूछा कि पांडेजी का गांव यही है न? उन्होंने हां में सिर हिलाया। जब उनसे सवाल किया कि गांव के लिए पांडे जी ने कुछ काम किया है कि नहीं? उन्होंने कहा, 'गांव खातिर का कइले बानी, कुछु ना। उहां के त आइना और जाइना। ( गांव के लिए कुछ नहीं किए हैं, वो यहां कुछ देर के लिए आते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं।)गांव में पक्की सड़क है, देखकर ऐसा लगता है कि चुनावी मौसम से थोड़े दिन पहले ही बनी है। आगे बढ़ने पर एक झोंपड़ी में कुछ लोग बैठे मिले। उनसे पूर्व डीजीपी का घर पूछा तो एक युवक ने हाथ से इशारा किया कि बगल में ही है। इन्हीं में से एक 50-55 साल के तेजनारायण पांडे हैं। ये …

बिहार में वोट मांगने गए नीतीश के काफिले पर जनता ने हमला किया? 2 साल पुराना है वीडियो

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में भीड़ एक वीआईपी काफिले पर हमला करती दिख रही है। काफिले के साथ मौजूद पुलिस बल भीड़ पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।28 अक्टूबर से बिहार विधानसभा चुनावों की वोटिंग शुरू होनी है। दावा है कि इसी चुनाव के लिए जब जदयू प्रमुख नीतीश कुमार वोट मांगने गए। तो जनता ने उन पर इस तरह अपना गुस्सा निकाला। वीडियो के साथ कैप्शन शेयर किया जा रहा है - नीतीश कुमारजी आप इतना अच्छा काम करते ही क्यों होबिहार की जनता आपका न जाने कब से स्वागत करने के लिए खड़ी इंतज़ार कर रही थी...और जैसे ही स्वागत करने का समय आया आप जनता के बीच से भाग खड़े हुए।ऐसे कैसे चलेगा सुशासन बाबूऔर सच क्या है ?इंटरनेट पर हमें हाल की ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि बिहार चुनाव में प्रचार के दौरान नीतीश कुमार पर हमला हुआ।वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें ‘आज तक’ न्यूज चैनल के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो मिला। यहां वीडियो 2 साल पहले अपलोड किया गया है। हालांकि, ये बात सच है कि जिस काफिले पर हमला हुआ वो नीतीश कुमार का ही था।प…

ऐश्वर्या यह अवॉर्ड जीतने वाली देश की पहली लड़की, 11 साल की उम्र में शुरू की थी फोटोग्राफी

ऐश्वर्या श्रीधर नवी मुंबई में रहती हैं। वे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के अलावा वाइल्डलाइफ प्रजेंटेटर और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर भी हैं। 23 साल की ऐश्वर्या को 2020 वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया गया है। वो यह पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लड़की हैं।'लाइट्स ऑफ पैशन' टाइटल वाली उनकी फोटो ने दुनिया भर के 80 से अधिक देशों की 50,000 एंट्रीज में पहली पोजिशन हासिल की। ऐश्वर्या ने बिहेवियर इनवर्टेब्रेट्स कैटेगरी में यह पुरस्कार जीता।इस फोटो के लिए ऐश्वर्या को मिला वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर अवॉर्ड।ऐश्वर्या को इससे पहले सेंक्चुरी एशिया यंग नेचरलिस्ट अवॉर्ड और इंटरनेशनल कैमरा फेयर अवॉर्ड भी मिला है। वो यह सम्मान पाने वाली सबसे कम उम्र की लड़की हैं। ऐश्वर्या अपने करिअर, रोल मॉडल और इस क्षेत्र में आने वाली लड़कियों के लिए क्या कहती हैं, जानिए उन्हीं की जुबानी:'मुझे बचपन से वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी का शौक था। मेरे डैडी बॉम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी के मेंबर हैं। उनके साथ मैं कई जगह जाती थी। तभी मुझे ये शौक लगा। जब मुझे डैडी ने मेरे बर्थडे पर पहला कैमरा गिफ्ट किया तो मैंने छोट…

रिकवरी के बाद मरीजों के फेफड़े, हार्ट, किडनी पर बुरा असर, 64% सांस की तकलीफ से जूझ रहे

कोरोना से रिकवर होने वाले 64% मरीजों में कई महीनों तक वायरस का असर दिख रहा है। इलाज के बाद भी मरीज सांस लेने की दिक्कत, थकान, बेचैनी और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। यह रिसर्च करने वाली ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है- कोरोना का संक्रमण होने के 2 से 3 महीने बाद ये असर दिखना शुरू हो रहा है। रिसर्च के दौरान पाया गया कि 64% मरीज सांस लेने की तकलीफ से जूझ रहे थे। वहीं, 55% थकान से परेशान थे।ज्यादातर मरीजों में फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे
रिसर्च के मुताबिक, मरीजों की MRI करने पर पता चला कि कोरोना के 60% मरीजों के फेफड़े एब्नॉर्मल मिले। 29% मरीजों की किडनी में दिक्कतें मिलीं। वहीं, 26% में हार्ट प्रॉब्लम्स और 10% को लिवर से जुड़ी समस्याएं हुईं।55% थकान से जूझ रहे
रिकवरी के बाद 55% मरीज थकान से जूझ रहे हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रेडक्लिफ डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर बैटी रमन कहते हैं- आंकड़े बताते हैं कि रिकवरी के बाद शरीर की जांच करने की जरूरत है। डिस्चार्ज के बाद उन्हें मेडिकल केयर देने के लिए एक मॉडल डेवलप किया जाना चाहिए।ऑर्गेन फेल्योर और सूजन के बीच कनेक्शन मिला
डॉक्टर बैट…

टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों को चाहिए जीत, पॉइंट्स टेबल में राजस्थान छठवें और हैदराबाद 7वें नंबर पर

आईपीएल के 13वें सीजन का 40वां मैच राजस्थान रॉयल्स (RR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच दुबई में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों टीमों को यह मैच जीतना जरूरी है। पॉइंट्स टेबल में राजस्थान 8 पॉइंट के साथ छठवें और हैदराबाद 6 पॉइंट के साथ 7वें नंबर पर है। हालांकि राजस्थान ने लीग में अब तक 10 और हैदराबाद ने 9 मैच खेले हैं।पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को हराया था
पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को 5 विकेट से हराया था। राहुल तेवतिया और रियान पराग ने अपने दम पर मैच हैदराबाद से छीन लिया था। राजस्थान ने पहले 9 बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 158 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद ने एक बॉल रहते 5 विकेट पर मैच जीत लिया था।बटलर-स्मिथ राजस्थान के टॉप स्कोरर
राजस्थान के जोस बटलर और कप्तान स्टीव स्मिथ ने राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। बटलर ने 9 मैच में 262 रन और स्मिथ ने 10 मैच में 246 रन बनाए हैं। इसके अलावा संजू सैमसन ने 10 मैच में 236 रन बनाए हैं।आर्चर-तेवतिया के नाम सबसे ज्यादा विकेट
राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले …

माता कात्यायनी की उपासना से रोग, भय और संताप का होगा नाश

महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदि-शक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं। स्कंद पुराण के अनुसार मां कात्यायनी परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से उत्पन्न हुई थीं ।स्वरूपमाता कात्यायनी का भी वाहन सिंह है। इस पर आरूढ़ होकर उन्होंने महिषासुर का वध किया। इनकी दो भुजाएं अभय मुद्रा और वर मुद्रा में हैं। अन्य दो भुजाओं में खड्ग और कमल है।महत्त्वमां कात्यायनी की पूजा से रोग, शोक, संताप, भय का नाश होता है।पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की डायरेक्टर डॉ. प्रिया अब्राहम कोरोना रूपी महिषासुर के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले सबसे प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने न केवल भारत में सबसे पहले कोरोना वायरस को आइसोलेट किया, बल्कि पूरे देश में इस संक्रमण की जांच के लिए लेबोरेट्रीज का जाल बिछाया।भारत में 30 जनवरी 2020 को कोरोना संक्रमण का पहला केस कन्फर्म हुआ। उस समय पूरे देश में केवल एनआईवी में ही कोरोना की जांच होती थी। यह देश की सबसे बड़ी हेल्थ रिसर्च बॉडी आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) का इंस्टीट्यूट है। इस घटना से करीब दो …

युवा फालतू फोन से छुटकारा पाएं और भारत को अमीर बनाने के लिए काम करें

प्रिय मित्रों, मैं नहीं जानता की एक बड़े समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बावजूद, यह पत्र आप तक पहुंचेगा या नहीं। आपमें से तमाम लोग फोन पर बात करने, वीडियो देखने, चैटिंग, सोशल मीडिया पर कमेंट या सिर्फ सुंदर सेलेब्रिटीज की फीड देखने में व्यस्त होंगे, क्योंकि किसी आर्टिकल को पढ़ना आपकी प्राथमिकता में बहुत नीचे है। हालांकि, अगर आपको इसे पढ़ने का मौका मिल जाए तो कृपया पूरा पढ़ें।आप फोन पर अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रहे हो। हां, आप भारत के इतिहास की पहली युवा पीढ़ी हो, जिसे स्मार्टफोन व सस्ता डेटा उपलब्ध है और आप हर दिन घंटों इस पर बिता रहे हो। अपना स्क्रीन टाइम देखें, जो युवाओं के लिए अक्सर औसत 5-7 घंटे है। रिटायर अथवा स्थापित लोग अपने गैजेट्स पर इतना समय व्यतीत कर सकते हैं। एक युवा, जिसे अभी अपनी जिंदगी बनानी वह ऐसा नहीं कर सकता।पांच घंटे आपके उत्पादकता वाले कामकाजी समय का एक तिहाईपांच घंटे आपके उत्पादकता वाले कामकाजी समय का एक तिहाई है। फोन की लत आपकी जिंदगी का एक हिस्सा खा रही है। यह कॅरिअर की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रही है और दिमाग खराब कर रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा था तो आपकी पीढ़ी 4Gott…